शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस में आते ही, बिहार की राजनीति में मची हलचल/viral post

विधिवत औपचारिक प्रक्रियाओ को पूरा करते हुए,शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस में शामिल हो गए. जगह वही चेहरा वही पार्टी नई. इसमें कोई शक नहीं शत्रुघ्न सिन्हा एक कद्दावर नेता है. बिहार की राजनीति में इस नाम को पहचान की जरूरत नहीं. पिछले लोक सभा चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी,भाजपा के लिए. मगर चुनाव के बाद,भाजपा में प्रमुखता नहीं मिलने के कारण शुरू से ही अपना गुस्सा ज़ाहिर करते रहे है.


2019 लोकसभा चुनाव में,शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा का दामन छोड़ने का फैसला कर लिया. उनके फैसले पर बेटी सोनाक्षी ने भी समर्थन किया,कहा उन्हें ये काम पहले ही कर लेना चाहिए था. कांग्रेस में शामिल होते ही शत्रु ने कहा,मैंने लोकतंत्रा को तानाशाह में परिवर्तित होते देखा. अगर सच कहना बाघी है तो मैं भी बाघी हूँ.

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NDTV के खास बात-चित में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा,भाजपा को छोड़ने का दुःख है और कांग्रेस में जाने की ख़ुशी. शत्रुघ्न सिन्हा ने ज़ाहिर किया,तिस सालो से जिस परिवार ने पाला-पोसा उस परिवार को छोड़ते हुए दुःख हो रहा है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा मुझे आडवाणी जी और अटल बिहारी बाजपाई जैसे नेताओ ने बनाया,मैं उनका आदर करता हूँ.
जैसे ही शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल हुए,कांग्रेस के बड़े नेताओ ने उनका स्वागत किया. अब बिहार की राजधानी पटना साहिब लोक सभा चुनाव क्षेत्र में हलचल मची है. बिहार का रुझान तेजी से बदल रहा है.
लोग शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर काफी उत्साहित है,लोग खुले तौर पर उनके फैसले का सम्मान कर रहे है. दो बार पटना साहिब से सांसद रह चुके,शत्रुघ्न सिन्हा का सीट काट कर रविशंकर प्रसाद को पटना साहिब से टिकट दे दिया गया था.अब रविशंकर प्रसाद के विपरीत शत्रुघ्न सिन्हा कड़ी टक्कर देने वाले है. शत्रुघ्न सिन्हा ने रविशंकर प्रसाद को अपना पुराना मित्र बताया. मगर अब दो घनिस्ट मित्र चुनावी रणभूमि  में आमने-सामने होने वाले है. कौन किस पर भारी पड़ेगा ये तो जनता ही बताएगी,मगर मौजूदा हालत शत्रुघ्न सिन्हा के पक्ष में जाते हुए दिख रहा है.
बिहार के राजनीति में ये बड़ा हलचल है. शत्रुघ्न सिन्हा जमीन से जुड़े हुए नेता है,बिहार उनकी जन्म और कर्म भूमि दोनों है. ऐसे में उन्हें उनके ही घर में मात देना लोहे के चने चबाने जैसा है. इसलिए कयास लगाया जा रहा है के बिहार का ये मुकाबला महामुकाबला हो सकता है,रविशंकर प्रसाद और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच. ये तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा क्या उल्ट फेर होता है,मगर अपनी राय जरूर बताइये. अगर आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा हो तो हमे फॉलो करना ना भूले.
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